फोटो 24 डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का पटका पहनाकर स्वागत करते पदाधिकारी
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एसआईआर की जनपद स्तरीय समीक्षा के लिए बुधवार को मैनपुरी आए। डिप्टी सीएम ने कहा कहा कि विपक्ष अपना चेहरा छिपाने के लिए एसआईआर पर हो-हल्ला कर रहा है। जबकि विपक्ष को पता है कि अब मतदान निष्पक्ष और सुचिता के साथ कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मन की शुद्धता के लिए योग और लोकतंत्र की सुचिता के लिए एसआईआर बहुत जरूरी है। बुधवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एसआईआर को लेकर बैठक की। बैठक से पहले डिप्टी सीएम ने प्रेस वार्ता में कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। संविधान लागू हाेने के बाद कई बार हो चुका है। विपक्षी पार्टियां अपना चेहरा छिपाने के लिए हो-हल्ला कर रही हैं। बिहार में एसआईआर लागू होने के बाद चुनाव हुआ, जानकारी मिली कि करीब 65 लाख से अधिक मतदाता फर्जी सामने आए। उनके कई जगह वोट थे। उन्हें मतदाता सूची से बाहर किया गया है। विपक्षी पार्टियों को पता है कि सुचिता और पारदर्शिता के साथ चुनाव होता है, तो ये हार का सामना करेंगे।
बिहार में आरजेडी के गुंडाराज और जंगलराज को जनता ने जैसे नकार दिया, उसी तरह से यूपी में समाजवादी पार्टी के गुंडाराज और जंगलराज को प्रदेश के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव होगा, इससे इन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। जिन लोगों ने घुसपैठ की है उनको बाहर जाना पड़ेगा और कहीं बचे हैं तो उनको सजा मिलेगी। फर्जी मतदाता लिस्ट में बीएलओ की मदद करेंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। वंदेमातरम का विरोध भी मुस्लिम मतदाताओं को खुश करने के लिए किया जा रहा है। जबकि उन्हें सोचना चाहिए कि इसी वंदे मातरम को गाकर शहीदों ने फांसी के फंदे को चूम लिया था। अगर अखिलेश तुष्टीकरण की राजनीति छोड़ दें, तो एक पार्षद को भी जिता नहीं पाएंगे। राहुल गांधी तो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। जब हरियाणा में चुनाव हुए तो जलेबी बनाएंगे, बिहार में चुनाव है तो मछली पकड़ेगे।
जनपद में कैंसर युनिट चालू न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सपा सरकार में ऐसे संस्थानों की बिल्डिंग खड़ा करने का काम किया गया। जबकि किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। हमारी सरकार हर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक तैनात कर रही है। जनपद में एक कार्डियोंलॉजिस्ट की तैनाती की जानी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को किसी डॉक्टर की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं।