मैनपुरी। हर साल जिले में 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू जनित बीमारियों से बचाना है। जिले में स्थापित तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो अधिकतर को किशोरावस्था से ही तंबाकू की लत लग रही है। पहले तो ये शौक बनता है और बाद में आदत बन जाती हैं। जिले में तंबाकू का सेवन करने से लोग कैंसर सहित 8 से 10 तरह की अन्य बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। हर साल जिले में 50 से 60 लोगों की इन बीमारियों की चपेट में आने से मौत भी हो रही है।तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से हर साल तंबाकू नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाता है। जागरूकता के लिए शिविर लगते हैं। तंबाकू से छुटकारा दिलाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। दवा का वितरण भी किया जाता है। लेकिन इसका असर नहीं हो रहा। जिला तंबाकू प्रकोष्ठ की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 में चलाए गए अभियान में जिले में 13625 लोग तंबाकू का सेवन करते पाए गए। इनमें युवाओं की संख्या करीब 60 प्रतिशत रही। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार अभय कुमार सिंह ने बताया कि तंबाकू सेवन करने वालों का कहना था कि पहले तो शौक में यार दोस्तों से दो-चार दाने मांगे। फिर ऐसी लत पड़ी कि अब 4 से 5 पाउच हर रोज सेवन करते हैं।
गांव रठेरा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि जब वह कक्षा 8 में पढ़ते थे तब उनके एक दोस्त को तंबाकू को शौक था, उससे उन्होंने दो-चार दाने मांगे। धीरे-धीरे यह शौक लत में बदल गया और अब वह चार से पांच पाउच तंबाकू प्रतिदिन सेवन कर लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार तंबाकू जनित बीमारियों से कैंसर सहित 8 से 10 अन्य बीमारियां की चपेट में लोग आते हैं और हर साल 50 से 60 मरीजों की मौत भी हो जाती है।
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कैंसर सहित 10 अन्य बीमारियों का जन्म देती है तंबाकू
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. गौरव पारिक बताते हैं कि ओपीडी में रोजाना तंबाकू के कारण 60- 70 नए मरीज आते हैं। इनमें कैंसर, सांस रोग, फेफड़े रोग, हृदय रोग, दंत रोग, नेत्र रोग समेत 10 से अधिक तरह की बीमारियां मिलती हैं। इनमें इनमें युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिले में उपचार कैंसर की जांच आदि की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
60 प्रतिशत युवा खा रहे हैं तंबाकू
तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार तंबाकू खाने वालों में युवाओं की संख्या आधे से अधिक है। 60 प्रतिशत तंबाकू खाने वाले लोगों की उम्र 35 साल से कम है। 35 से अधिक साल की उम्र के 40 प्रतिशत लोग तंबाकू खा रहे हैं। इनमें मध्यम वर्ग में तंबाकू का चलन अधिक है। मध्यम वर्ग के 70 प्रतिशत और उच्च मध्यम वर्ग के 30 प्रतिशत लोग तंबाकू के आदी पाए गए। सबसे कम मात्र 2 प्रतिशत संपन्न परिवार के लोग तंबाकू सेवन कर रहे हैं।
जिले में 13625 लोग मिले तंबाकू सेवन करते
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक चलाए गए अभियान में कुल 13625 लोग तंबाकू उपयोग करते मिले। इनमें से 12396 लोगों की काउंसलिंग की गई। 9625 को निकोटेक्स का वितरण किया गया। अभियान के दौरान 64 व्यक्तियों से 6420 रुपये की धनराशि की वसूली की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष में केंद्रीय समूह चर्चा का आयोजन 52 शिविरों में किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के तहत 106 शिविर लगाए गए। अभियान की सफलता के लिए 12 मासिक बैठक आयोजित हुईं। आठ प्रशिक्षण शिविर लगाए गए।
किस आयु वर्ग में कितने लोग खा रहे तंबाकू
उम्र - प्रतिशत (संख्या)
15 से 35 - 60 (8175)
35 से 44 - 17 (2316)
45 से 54 - 10 (1362)
55 से 64 - 8(1090)
65 से अधिक - 5 (681)
डॉक्टरों की सलाह
तंबाकू उत्पादन पर रोक लगे।
प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई जाए।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिक्री पर सख्ती।
सरकारी-निजी कार्यालयों में नो तंबाकू जोन।
सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू-धूम्रपान पर जुर्माना।
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तंबाकू की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षण संस्थाओं के आसपास तंबाकू की बिक्री पर रोक है। सभी सरकारी और निजी संस्थानों में नो तंबाकू जोन लागू किया गया है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ