जेएस विद्या निकेतन स्कूल अलीगंज
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डॉ. राममनोहर लोहिया समय ग्राम विकास योजना के तहत चयनित गांवाें में स्थित स्कूलों में अब मास्साब को भी कड़ी मेहनत करनी होगी। उनकी काबलियत का पैमाना बच्चों के टेस्ट से तय होगा। बच्चे फेल तो मास्साब भी फेल। ऐसी स्थिति में शिक्षक के साथ संबंधित एबीआरसी पर भी कार्रवाई होगी।
जिले में स्थित लोहिया गांव के स्कूलों में होने वाली पढ़ाई की शासन अब सीधे निगरानी करेगा। शासन की टीम किसी भी दिन लोहिया गांव पहुंचकर बच्चों से गिनती, पहाड़ा सुन सकती है और सुलेख भी लिखा सकती है। शासन द्वारा हर जिले में एक आदर्श विद्यालय चिन्हित कराया जाएगा। इसके साथ ही जिले के दो स्कूलों में अंग्रेजी विषय की पढ़ाई भी कराई जानी है। इसके लिए जिले के दो स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई भी हो रही है। वहीं सरकार चाहती है कि लोहिया गांवों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी किसी से कम न रहें। इसलिए स्कूल में तैनात शिक्षकों की सौ फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।
बच्चे भी रोजाना स्कूल आएं और उन्हें सौ तक गिनती, बीस तक पहाड़े, अंग्रेजी पढ़ने, बोलने और लिखने में पारंगत भी किया जाए। उनकी निगरानी के लिए एबीआरसी को जवाबदेह बनाया जाएगा। वह स्कूलों में जाकर बच्चों और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए प्रेरित भी करेंगे। शिक्षक और एबीआरसी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं या नहीं इसकी जांच बीएसए और एबीएसए करेेंगे।
डीएम और सीडीओ भी करेंगे निरीक्षण
किसी भी उक्त स्कूलों में जाकर डीएम और सीडीओ भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इसमें वह शिक्षण की गुणवत्ता परखेंगे। नए फरमान से मास्टर साहब परेशान हैं कि कहीं वह फेल न हो जाए।
शासन के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। सभी एबीएसए को कहा है कि वह अपने ब्लाक से संबंधित स्कूलों में यह निर्देश शिक्षकों और एबीआरसी को भी दे दें। इसमें किसी प्रकार ढील न की जाए।
-रामकरन यादव, बीएसए, मैनपुरी