बार-बार कायराना हरकत करने से पाक की नापाक हरकतें दुनिया के सामने आ चुकी हैं। अब प्रधानमंत्री को पाक पर तत्काल कड़ा एक्शन लेकर सेना का मनोबल बढ़ाना चाहिए नहीं तो सेना का मनोबल गिरता ही जाएगा। पाकिस्तान को अब उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए। पाकिस्तान से युद्ध के अलावा कोई विकल्प अब नहीं बचा है। यह कहना है कारगिल युद्ध में शहीद हुए अमरुद्दीन की पत्नी मोमना बेगम का।
जम्मू के उड़ी में 17 सैनिकों की शहादत से कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवारीजनों में आक्रोश है। कारगिल में आपरेशन विजय में दिवनपुर साहिनी के सैनिक अमरुद्दीन तीन जुलाई 1999 को पाकिस्तान से युद्ध करते हुए शहीद हुए थे। पत्नी मोमना बेगम ने किसी तरह बच्चों की परवरिश व उनकी शादी की। तत्कालीन सरकार ने गैस एजेंसी दी। मगर तत्कालीन विधायक रामेश्वर दयाल वाल्मीकि द्वारा दो लाख रुपये की लागत से बनवाई गई शहीद की प्रतिमा को जमीन नहीं मिल पाने के कारण 16 वर्षों से पैक रखी हुई है। उड़ी हमले पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार कायराना हरकत करके भारत के सब्र की परीक्षा ले रहा है। भारत सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाकर पाकिस्तान से युद्ध की घोषणा कर देनी चाहिए। एक शहीद की पत्नी का दर्द वह जानती हैं क्योंकि वह खुद इसे झेल रही हैं।