जिले में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है। जिले के छह लोगों में अब तक स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर लोग परेशान हैं। खांसी जुकाम होने पर हैरान होने लगते हैं। अस्पताल में चिकित्सक उनकी जांच नहीं कराते। सूत्रों की मानें तो सिर्फ दो किटें मिलने के चलते चिकित्सक जांच नहीं करा रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता वाले जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों का कहना है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में जांच किट उपलब्ध कराई जाएं। आशंका पर रोगियों की जिले में ही जांच हो जिससे उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
सूअरों के विचरण पर नहीं लगी रोक
स्वाइन फ्लू का वायरस एच1 एन1 सूअरों से मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है। संक्रमित मनुष्य से दूसरा मनुष्य संक्रमित हो जाता है। नगर क्षेत्र में सूअरों के विचरण पर अभी तक कोई रोक नहीं लगी है। इसे लेकर लोग परेशान हैं। लोगों ने जिला प्रशासन और पालिका प्रशासन से सूअरों के विचरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
उनके पास स्वाइन फ्लू की आशंका के रोगी अभी नहीं आए हैं। यदि रोगी आएंगे तो उनकी जांच कराई जाएगी। जुकाम, बुखार से पीड़ित चिकित्सक की सलाह पर ही दवा का प्रयोग करें।
डा. जेजे राम, फिजीशियन जिला चिकित्सालय
जिले में और जांच किटें उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आश्वासन मिला है। शीघ्र ही पर्याप्त मात्रा में जांच किटें उपलब्ध हो जाएंगी। चिकित्सकों को भी स्वाइन फ्लू की आशंका वाले रोगियों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डा. वीके गुप्ता, सीएमओ