आगरा में हाईकोर्ट की बैंच की स्थापना की मांग को लेकर जिले के वकील भी लामबंद हो गए हैं। मैनपुरी बार एसोसिएशन की वरिष्ठ समिति के अधिवक्ताओं ने बैठक कर निर्णय लिया है कि आगरा में खंडपीठ की मांग के समर्थन में 22 से 28 जनवरी तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। 27 जनवरी को अधिवक्ता आगरा पहुंचकर आंदोलनरत अधिवक्ताओं को समर्थन देंगे। बैठक के बाद वकीलों ने जिला जज को ज्ञापन भी दिया।
बुधवार को बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित बैठक में वरिष्ठ समिति के सदस्य सुबोध कुमार गुप्ता ने कहा कि आगरा में खंडपीठ की स्थापना के लिए अधिवक्ता वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब अधिवक्ता निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। प्रभात चतुर्वेदी ने कहा कि खंडपीठ की स्थापना होने से इलाहाबाद उच्च न्यायालय पर न्यायिक कार्यों का बोझ हलका होगा। दूसरी ओर पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाहाबाद तक नहीं जाना होगा। राममोहन जौहरी ने कहा कि अधिवक्ता अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही है। राजनीतिक नेता बयानबाजी तो करते हैं लेकिन खंडपीठ की स्थापना के लिए सार्थक कदम नहीं उठा रहे हैं। बैठक के बाद वकीलों ने जिला जज को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजीश यादव, जतन सिंह यादव, चंद्रभान, जगदीश शाक्य, राजीव यादव, सौरभ यादव, रामनाथ आर्य, चरन सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।