मैनपुरी में युवती की शादी तो हुई लेकिन सुहागरात नहीं हो पाई। उसने ससुरालवालों को फोन किया तो हकीकत पता चली। उनकी बात सुनते ही एक पल में दुल्हन के सपने बिखर गए।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में निकाह करने के बाद ससुरालीजन ने विदा कराने से साफ मना कर दिया। मामला महिला थाने पहुंचा तो नवागत प्रभारी ने दोनों पक्ष से बात की। काउंसलिंग के बाद बिगड़ी बात बना दी। अब तय तारीख पर ही रूही की विदाई होगी। रूही के परिजन इस फैसले से बेहद खुश नजर आए।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी रूही का निकाह 27 जनवरी 2023 को गांव निवासी शाहीनूर के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुआ था। ससुरालवालों ने कहा कि वह लोग कुछ दिन बाद विधिवत विदा करा कर घर ले जाएंगे। लेकिन, कई महीने बीत गए लेकिन कोई भी विदा कराने नहीं आया। जब रूही के परिजन ने संपर्क किया तो विदाई की तारीख 11 नवंबर तय की गई थी।
इस बीच ससुरालवाले चार पहिया गाड़ी की मांग करने लगे। कहा कि हम इस तरह का निकाह नहीं मानते। अगर मांग पूरी नहीं की तो बेटे का दूसरी जगह निकाह कर देंगे। दो नवंबर को ससुराल पक्ष के लोग रूही के घर आए और हाथापाई कर दी। इसके बाद मामला महिला थाना पहुंचा।
शुक्रवार को नवागत महिला थाना प्रभारी हेमलता सिंह ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लड़के पक्ष को भी थाने बुलाया। बातचीत की गई और लड़के पक्ष से साफ कर दिया कि निकाह किया है तो पत्नी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। अतिरिक्त दहेज की मांग करना कानूनन अपराध है।
दोनों पक्ष की काउंसलिंग के बाद बात बन गई। लड़का पक्ष के लोग विदा कराने के लिए तैयार हो गए। विदाई की बात सुनते ही रूही के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि अब तय तारीख पर ही रूही विदाई होगी। दोनों पक्ष सहमत होने के बाद थाने में समझौता कराया गया है।