गणपति बप्पा के आगमन की जिले में तैयारियां शुरू हो गई हैं। गणपति की मूर्तियां बनाने का काम तेजी से चल रहा है। राजस्थान के कलाकार जिले में मूर्तियां बनाने में लगे हैं। सबसे ज्यादा मिट्टी की मूर्तियों को ही पसंद किया जा रहा है।
गणेश चतुर्थी से पूर्व राजस्थान के जिला पाली के गांव मडवाडा के दो परिवार जिले में आए हैं। भोगांव रोड पर सड़क किनारे डीएम से अनुमति लेने के बाद आशियाना बनाकर इन परिवारों ने मिट्टी से गणेश मूर्तियां बनाना शुरू कर दिया है। परिवार की महिलाएं और बच्चे खेतों से मिट्टी लाकर सुबह से ही काम में लग जाते हैं। सांचे में ढालकर एक मूर्ति को बनाने में चार पांच दिन तक लगते हैं। आकर्षक लगने वाली इन मूर्तियों को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पांच सौ से लेकर पांच हजार तक कीमत की मूर्तियां यह कारीगर बेच रहे हैं। कारीगर बलराम, मिट्ठूलाल का कहना है कि इस बार लोगों में मूर्तियां खरीदने के लिए रुझान बढ़ा है। महंगाई के बाद भी लोग भक्तिभाव के चलते मूर्तियां खरीदने को उमड़ रहे हैं। गणेश चतुर्थी के लिए 800-1000 रुपये तक की मूर्तियां बिक रही हैं। गणपति महोत्सव के बाद मां दुर्गा, राम, लक्ष्मण, सीता के अलावा टेसू झेंझी की प्रतिमाएं भी बनाते हैं। दशहरा बीतने के बाद परिवार के साथ गांव चले जाते हैं।