मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में 26 साल पहले वसूली टीम से मारपीट कर लूट की कोशिश करने वाले तीन लोग दोषी पाए गए हैं। स्पेशल जज डकैती जयप्रकाश ने उनको चार-चार साल की सजा सुनाई है। उन पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपियों से जुर्माने की धनराशि वसूल होने पर राजकीय कोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय सहकारी समिति अरम सराय की एक टीम समिति का बकाया वसूल करने के लिए 26 मई 2000 को थाना बेवर के ग्राम भूड़ाहार मानपुर हरी गई थी। गांव के चौकीदार नत्थूलाल पर समिति का 11525 रुपये तथा रामनाथ पर 6760 रुपये बकाया था। टीम के सदस्यों ने जब बकाया वसूल करने के लिए उनसे कहा तो विवाद होने लगा। इसी बीच नत्थूलाल, नवल किशोर, राजवीर उर्फ पप्पू, कमलेश तथा रामनाथ ने टीम के सदस्यों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप था कि उन्होंने टीम के सदस्यों से वसूली की धनराशि लूटने की कोशिश भी की।
टीम के सदस्य विश्वनाथ ने पांचों लोगों के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद सभी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज डकैती जयप्रकाश के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष ने वादी सहित चार गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई। गवाही के आधार पर नवल किशोर, राजवीर उर्फ पप्पू, कमलेश को सरकारी कार्य में बाधा डालकर लूट का प्रयास करने का दोषी पाया गया।
स्पेशल जज डकैती ने नवल किशोर, राजवीर उर्फ पप्पू, कमलेश को चार-चार साल की सजा सुनाई है। उन पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। रामनाथ की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। स्पेशल जज ने आदेश में लिखा है कि आरोपियों से जुर्माने की धनराशि वसूल होेने पर राजकीय कोष में जमा कराई जाए।