बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और दलितों के उत्थान के लिए संगठन बनाने वाले कांशीराम की जयंती शहर और देहात में मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके किए कार्यों को याद किया। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।
विकास भवन के सामने स्थित कालोनी में बने चंद्रशेखर के आवास पर कांशीराम की जयंती मनाई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम दलितों के सच्चे हितैषी थे। इस अवसर पर राजबहादुर, राजेंद्र सोनी, डाक्टर तोताराम, हरिराम, रामनरेश, अमर सिंह, जमालुद्दीन सिद्दीकी, सुनील वर्मा, मान सिंह, अशोक सागर, रामप्रकाश आदि मौजूद थे। वहीं कुरावली के मोहल्ला भीमनगर स्थित अंबेडकर पार्क मेें कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए उनकी जयंती मनाई। इस दौरान उनके दलित समाज के योगदान को याद करते हुए शिक्षक दुलारे लाल प्रेमी ने बताया कि कांशीराम का जन्म 15 मार्च सन 1934 को पंजाब प्रांत के रोपड़ जनपद के ग्राम गुंगासाहिब में हुआ था। बचपन से ही अनोखी प्रतिभा के धनी कांशीराम ने दलितों के उत्थान के लिए दलितों को संगठित करना शुरू कर दिया। छह दिसंबर 1978 को उन्होंने बामसेफ पार्टी बनाई। इसके तीन साल बाद छह दिसंबर 1981 में डीएसफोर, इसके बाद उन्होंने 14 अप्रैल 1984 में बहुजन समाज पार्टी को गठन किया। दलितों के उत्थान के लिए किए उनके कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर कृष्णगोपाल उर्फ केजीबाबू, दुलारे लाल प्रेमी, राजकुमार दीक्षित, सभासद पंकज प्रताप सिंह, चंद्रभान भाष्कर, झब्बूलाल, लक्ष्मनदास, मायासहाय गौतम, ग्रीश बाबू, सरमन बाबू, सुरेंद्र पाल, रविंद्र कुमार, अरुण कुमार, रोहित कुमार सहित दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद रहे।