करहल। थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव सड़ निवासी मछुआरे राजू की मौत पानी में डूबने की वजह से हुई थी। चिकित्सकों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि मौत शव मिलने के करीब 72 घंटे पहले ही हो चुकी थी।
कुर्रा क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे तखरऊ नहर में जनपद इटावा के गांव लट्टूपुर निवासी संजू जान देने के लिए कूदा था। डूब रहे संजू को बचाने के लिए गांव सड़ निवासी मछुआरे राजू ने भी नहर में छलांग लगा दी थी। जिसके कुछ देर बाद दोनों लापता हो गए थे। मछुआरे राजू के परिजन पुलिस पर घर से बुला कर लाने व जबरदस्ती नहर में कूदने का दबाव डालने का आरोप लगा रहे थे। जाम लगा कर हंगामा भी किया था, जिसके बाद से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें मोटर वोट से तलाश में जुट गई थीं। शनिवार शाम को नहर में कूदे संजू का शव मिल गया था, वहीं रविवार को राजू का शव विलिंदा पुल के पास मिला था।
आक्रोशित परिजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए एक्सप्रेसवे पर जाम लगाने की कोशिश की थी। पोस्टमार्टम हाउस पर भी काफी देर हंगामा करते हुए पुलिस अधिकारियों से नोंकझोंक की थी। एसपी ग्रामीण के समझाने के बाद शव का चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया।
मिली जानकारी के अनुसार पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में राजू की मौत का कारण फेफड़ों में पानी भरना बताया गया है। पोस्टमार्टम मेंं फेफड़ों में पानी भरा हुआ पाया गया है। वहीं रिपोर्ट कहती है कि मौत शव मिलने से करीब 72 घंटे पहले हो चुकी थी। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।