पहले बड़ा बेटा रामानंद और फिर छोटा अवनीश चला गया
कमला देवी के पति बालकराम की बीमारी के चलते 2018 में मौत हो गई थी। बड़ा बेटा रामानंद कमाने के लिए पांच साल पहले पानीपत गया। वहां प्राइवेट नौकरी लगी तो अपनी पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को भी साथ ले गया। इसके बाद छोटा बेटा अवनीश भी चार साल पहले दिल्ली गया। वहां उसकी नौकरी लग गई। इसके बाद पत्नी, दो बच्चों को अपने साथ ले गया था।
कमला देवी की बेटी श्यामलता अंबरपुर, एलाऊ में अपनी ससुराल में रहती है। गांव वालों ने पुलिस को बताया कि कमला देवी की मौत की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। जिस मां के दो बेटे, एक बेटी और पांच पोते-पोतियों से भरा पूरा परिवार है, उसने अकेलेपन से आहत होकर जान दे दी। उसका शव घर में फंदे पर लटका मिलना शर्मनाक है।
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कमला देवी को होली पर गांव छोड़ गया था अवनीश
कमला देवी का बड़ा बेटा रामानंद पानीपत में परिवार सहित, वहीं छोटा पुत्र अवनीश दिल्ली में परिवार सहित रहता है। पिछले दिनों कमला देवी अवनीश के साथ दिल्ली में रहने के लिए गई थी। होली पर अवनीश वृद्ध मां को गांव छोड़ गया था। तब से वृद्धा अकेलेपन के चलते अवसाद में रह रही थी। गांव वालों ने बताया कि कमला देवी वृद्धावस्था के चलते कभी-कभी खाना भी नहीं बना पाती थी। बीमार भी रहती थी।
मगर, शर्म के चलते वह गांव वालों से मदद नहीं मांगती थी। गांव वाले उन्हें खाना खाने की कहते तो भी वह हंसकर कहतीं थीं कि ईश्वर की कृपा से दोनों बेटे कमा रहे हैं। वह बहुत सारा राशन-पानी भरा देते हैं। अगर, गांव वालों के यहां खाने लगी तो घर का राशन खराब हो जाएगा। कभी-कभी गांव में ही रहने वाले देवर श्यामदास और देवरानी मंजू के घर पर मन बहलाने के लिए चली जातीं थीं। मगर, उन्होंने किसी को यह एहसास नहीं होने दिया कि वह इतने गहरे अवसाद में जा चुकीं हैं कि जान देने वाली हैं।
सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि गांव वालों से पता लगा है कि कमाल देवी ने एकाकीपन से परेशान होकर आत्महत्या की है। सच में दिल झकझोर देने वाली घटना है।
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