दो अक्तूबर 2022 को उसे खाने में कोई नशीला पदार्थ मिला कर खिला दिया। बेहोश होने के बाद उसका ऑपरेशन करा दिया। जब होश में आया तो पता चला कि नकली मंगलामुखियों ने उसे भी मंगलामुखी बना दिया है। जब उसने ऐसा करने के बारे में पूछा तो नकली मंगलामुखियों ने कहा कि वह ऐसा ही करते हैं। अब तुम जैसे लोग ही उन्हें कमा कर दोगे। विरोध करने पर दो माह तक उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
बताया कि जब वह ठीक होकर चलने लगा तो एसएसपी इटावा को शिकायती पत्र दिया। इसके बाद नकदी मंगलामुखियों ने उसे आधा क्षेत्र और 20 लाख रुपये देने की बात कही। लेकिन, रुपये नहीं दिए और झूठे केस में फंसवा दिया। दोबारा शिकायत देने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। किशनी पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नौकरी की चाहत में जाल में फंसा
जयहिंद को नौकरी की तलाश थी और इस बीच नकली मंगलामुखियों ने उसे अच्छी खासी धनराशि पर नौकरी पर रखने का लालच दिया था। जयहिंद की इसी मजबूरी का फायदा उठाकर नकली मंगलामुखी अपने साथ इटावा ले गए। वहां दो महीने तक उसे तनख्वाह भी दी और विश्वास जीत लिया। लेकिन मौका लगते ही नकली मंगलामुखियों ने एक अस्पताल में जयहिंद का ऑपरेशन करा दिया।
लोगों को कहना है कि नकली किन्नर जरूरतमंद लोगों की तलाश करते हैं। फिर उन्हें रुपये का लालच देकर साथ ले जाकर अपने जैसा बनाकर धंधा शुरू कर देते हैं। नकली मंगलामुखी सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली, महराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में भी सक्रिय हैं।