मैनपुरी। जिले में पिछले दिनों खराब हुए मौसम से किसानों को फसलों में दो से तीन प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि या तेज बारिश न होनेे से फसलों को अधिक नुकसान नहीं हुआ है। जिले में 154426 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं और 7232 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की फसल है।
जिले में प्रमुख रूप से गेहूं और सरसों की फसल का ही उत्पादन होता है। पिछले एक सप्ताह से हल्की बारिश और तेज हवाओं से किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की कुछ फसल गिर गई है। जिले में ओलावृष्टि या तेज आंधी न आने से फसलों को अधिक नुकसान नहीं हुआ। कृषि विभाग ने क्षति का आंकलन पूरा कर लिया है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जिले भर में दो से तीन प्रतिशत नुकसान दोनों फसलों में हुआ है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। यह नुकसान कुछ हिस्से में फसल गिरने से हुआ है।
गिरी फसल का दाना होगा कमजोर
कृषि विज्ञान केंद्र में तैनात कृषि वैज्ञानिक डाक्टर जगदीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बारिश और तेज हवाओं से फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे गिरी हुई फसल का विकास सही से नहीं हो सकेगा। जिसके कारण दाना कमजोर रहेगा। दाने पर चमक भी अधिक नहीं होगी। किसानों को फसल गिरने से नुकसान होगा।