कर्ज से परेशान गांव नगला बांक के एक दलित किसान के नहर में छलांग लगाकर जान देने की आशंका से परिवार में कोहराम मचा है। दोपहर से लापता किसान के कपड़े, जूते शिवसिंहपुर नहर किनारे मिले हैं। पुलिस गोताखोर लेकर उसकी तलाश में देर शाम तक जुटी रही, लेकिन कोई पता नहीं लगा।
थाना करहल क्षेत्र के गांव नगला बांक के चेतराम जाटव ने वर्ष 2013 में बैंक आफ इंडिया की मैनपुरी शाखा से फसल के लिए केसीसी से 1.50 लाख रुपये का लोन लिया था। फसल बर्बाद होने की वजह से वह लोन नहीं चुका सका था। सिर्फ एक साल का ही ब्याज जमा कर सका था। इसके बाद से लगातार फसल बर्बाद होने के कारण वह कर्ज में डूबता जा रहा था। इधर, मंगलवार दोपहर वह लापता हो गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान शिवसिंहपुर नहर पुल पर उनके कपड़े, जूते मिले। लोग उनके नहर में कूदकर जान देने की आशंका से सहम गए। सूचना पर वहां भीड़ जुट गई। पुलिस भी गोताखोर लेकर आई। देर शाम तक पुलिस गोताखोरों की मदद से चेतराम की तलाश में जुटी रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। एसओ ने बताया कि आशंका के आधार पर नहर में शव को तलाश किया जा रहा है। चेतराम के नहर में कूदकर जान देने की आशंका से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। उसके बेटे मुकेश ने भी आशंका जाहिर की है कि बैंक का कर्ज चुकता नहीं कर पाने से परेशान होकर उन्होंने खुदकुशी की है।