थाना क्षेत्र के गांव अहिरवा में सोमवार सुबह खेत में काम कर रहे दो पक्षों में विवाद के बाद मारपीट और फायरिंग होने लगी। सूचना पर पहुंची भोगांव और थाना बिछवां पुलिस को देखकर भी आरोपी दबाव में नहीं आए। पुलिस की मौजूदगी में एक पक्ष के लोग अपने साथियों को लेकर वहां से चले गए। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज किया।
गांव अहिरवा निवासी सुखलाल, गौरी शंकर, सुदामा और पुत्तू लाल जाटव सोमवार सुबह खेत में आलू खोदने का काम कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर बंटू कठेरिया, रंजीत और प्रदीप भी काम कर रहे थे। खेत में खुदाई के काम को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया इसके बाद बंटू पक्ष के लोगों ने सुखलाल व उसके साथियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद ने तूल पकड़ लिया तो बंटू की ओर से आए लोगों ने फायरिंग की। सूचना मिलने के बाद भोगांव और बिछवां पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहां दोनों पक्ष के लोग मौजूद थे। पुलिस बातचीत कर रही थी इसी दौरान एक पक्ष के लोग अपने साथियों को वहां से लेकर चले गए। पुलिस चुपचाप खड़ी रही। मौके से कोई भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने के बाद पुलिस सुखलाल पक्ष को थाने ले गई। वहां तहरीर के आधार पर दूसरे पक्ष के लोगों पर जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया।
फायरिंग और मारपीट की कुछ और ही कहानी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया था मगर एक पक्ष के लोग पुलिस से भिड़ गए और साथी को छुड़ाकर ले गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता भी की गई। वहीं पुलिस ऐसी किसी भी घटना से साफ इंकार कर रही है।