उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में छह साल पहले घर में सो रही चचेरी बहन की जलाकर हत्या करने वाले को एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
घटना करहल थाना क्षेत्र के नगला डम्बर गांव की थी। गांव की रहने वाली निधि 30 मई 2018 की दोपहर एक बजे अपने मकान में छप्पर में सो रही थी। उसके ताऊ का लउ़का जितेंद्र वहां आ गया। निधि के ऊपर मिट्टी का तेल डाला। उसको दबोचकर आग लगा दी। निधि के चीखने पर पड़ोस के लोगों को आते देख जितेंद्र वहां से भाग गया।
जानकारी मिलते ही खेत में काम कर रहे परिवार के लोग घर पहुंचे और निधि को सैफई अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान निधि की मौत हो गई। निधि के भाई संदीप ने जितेंद्र, जितेंद्र की मां राजनश्री, पत्नी जसमती देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जितेंद्र को जेल भेज दिया। जांच करने के बाद जितेंद्र की मां राजनश्री और पत्नी जसमती देवी को निर्दोंष पाकर उनका नाम निकाल दिया। जितेंद्र को दोषी पाकर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित नौ गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर जितेंद्र को निधि की हत्या करने का दोषी पाया गया। एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
मृत्यु पूर्व बयान पर हुई सजा
निधि के सैफई अस्पताल में गंभीर हालत में तहसीलदार सैफई ने मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किए। निधि ने बयान में बताया कि वह होश में है। घटना बताते हुए कहा कि उसके ताऊ का लड़का जितेंद्र शादी शुदा है। वह आए दिन उसको परेशान करता है। गलत बात नहीं मानने पर मार देने की धमकी देता है। जब उसने घर वालों से शिकायत करने की बात कही तो उसको सोते समय दबोचकर जलाकर मारने की कोशिश की है। उसने जितेंद्र को उसके अपराध के लिए सजा दिलाने की मांग की।