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परिषदीय स्कूलों की खेती में ‘घोटाला’

Sun, 12 Jun 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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ओलों ने बरबाद हुई टमाटर की फसल। - फोटो : AmarUjala
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 जिले के परिषदीय स्कूलों से संबद्ध कृषि फार्म पर हो रही खेती में घोटाले की पर्त चढ़ी है। सालों से इस जमीन पर खेती की जा रही है लेकिन उसका रुपया आखिर कहां गया इसका जवाब किसी के पास नहीं है। शासन से मिले पत्र के बाद विभाग में हड़कंप है। जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।  
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जिले में 25 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास खेती योग्य जमीन है। दशकों से इस जमीन पर लगातार खेती भी हो रही है। इसके बाद भी उक्त स्कूलों के खातों में नाममात्र की ही राशि है। खेती से आया पैसा कहां गया यह सवाल पूछते ही प्रधानाध्यापक से लेकर अधिकारियों तक के पास जवाब नहीं है। उल्लेखनीय है कि जिले के उक्त 25 स्कूलों पर करीब 700 बीघा जमीन है। इस जमीन पर खेती के बाद होने वाली उपज और उसकी बिक्री से होने वाली आय का कोई हिसाब किताब नहीं है। इतनी बड़ी जमीन पर हुई उपज के बिकने के बाद आई राशि का बंदरबांट हो जाता है। इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पिछले दिनों संयुक्त सचिव उप्र बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद अशोक कुमार ने बीएसए को पत्र भेज निर्धारित प्रारूप पर जिले में ऐसे स्कूलों और उनकी आय का विवरण मांगा। अब विभाग में हड़कंप है। अधिकारी अब उक्त स्कूलों का खाता खंगालने में लग गए हैं।

उपज बिक्री की आय रखते हैं प्रधानाध्यापक 
सूत्रों के अनुसार जिले के करीब 25 स्कूलों से संबद्ध 700 बीघा जमीन है। जमीन पर खेती हो रही है। प्रधानाध्यापक खेती की देखभाल करते हैं। फसल की बिक्री के रुपये का कोई लेखा- जोखा नहीं है। जांच में इन प्रधानाध्यापकों पर गाज गिरना संभव है। 
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खेती के रुपये से होना था विकास
जिले के स्कूलों के कृषि फार्मों में पैदा हुई फसल की बिक्री की धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में जानी होती है। इसके बाद भी उक्त विद्यालयों के खातों में यह राशि अभी तक नहीं पहुंची है। इसका प्रयोग विद्यालय विकास में प्रयोग करने का प्रावधान है। इसके बाद भी कृषि फार्म से संबद्ध स्कूल बदहाल हैं। 

पूर्व में हो चुकी है कार्रवाई
विकास खंड जागीर के उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनपुर बरा के प्रधानाध्यापक को ग्राम प्रधान की शिकायत पर कृषि भूमि की फसल के घोटाले में तत्कालीन बीएसए ने निलंबित किया था। जांच पूरी होने से पहले ही तत्कालीन बीएसए के निर्देश पर बहाल कर दिया गया था। 

केस एक
जागीर विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय बघेरुओ का स्थिति काफी बदहाल है। इसकी बिल्डिंग टूटी पड़ी है। जबकि इस विद्यालय से संबद्ध 50 बीघा जमीन पर खेती हो रही है।

केस दो
यही ही हाल उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनपुर बरा है। इस विद्यालय से संबद्ध 50 बीघा जमीन पर खेती हो रही है, लेकिन इसकी बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। 

शासन से स्कूलों की जमीन पर हो रही खेती और उससे होने वाली आय की जानकारी मांगी गई है। वहीं कई स्कूलों में बड़े पैमाने पर घोटाले की बात भी सामने आई है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षाधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएगा। साथ ही शासन को कृषि फार्म की जानकारी भी भेजी जाएगी। 
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- भारती शाक्य, प्रभारी बीएसए 


पूर्व में स्कूल की जमीनों का ठेका जिला पंचायत उठाती थी। अब ये किसकी जिम्मेदारी है इसकी जानकारी नहीं है। 
- पंकज यादव, प्रधान
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