सीएचसी पर अव्यवस्थाएं देख भड़के डीएम
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जिलाधिकारी ने बुधवार को ग्राम भ्रमण के दौरान ग्राम भटानी के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया।
अव्यवस्थाएं देखकर डीएम यशवंत राव का परा चढ़ गया और विभाग से जुड़े अधिकारियों पर भड़क गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम को वर्ष 2010 में बने स्वास्थ्य केंद्र भवन का अधिकांश फर्श क्षतिग्रस्त मिला। खिड़की, जंगलों के कांच टूटे थे। ओपीडी देखने पर ऐसा प्रतीत हुआ कि जिस दिन स्वास्थ्य केंद्र चालू हुआ। ओपीडी का गेट ही नहीं खुला। स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर गंदगी थी। निरीक्षण के दौरान दो महिलाएं भर्ती थी। भर्ती मरीज कोमल से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष चिकित्सक, फार्मेसिस्ट के अलावा एक अन्य कर्मी उपस्थित मिला। चिकित्साधिकारी डा. गजेंद्र पाल सिंह को स्टाफ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर जाना बताया गया। उनके उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर थे। उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर पर ओवर राइटिंग की गई। उन्होंने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि चिकित्साधिकारी अक्सर स्वास्थ्य केंद्र से गायब रहते हैं। लिखावट में अंतर चिकित्साधिकारी की लापरवाही, कुकृत्य को प्रदर्शित करता है। ग्राम गोधना के निरीक्षण पर पहुंचे तो वहां के स्वास्थ्य उप केंद्र में ताला बंद मिला, उपकेंद्र के गेट पर लगा हैंडपंप भी खराब मिला। ग्रामीणों ने बताया कि उप केंद्र माह में मात्र एक बार ही खुलता है। उपकेंद्र का दरवाजा भी टूटा था। यह स्थिति देख उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हए मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि वह बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारें।
कोसमा मुसलमीन में हैंडपंप पर मिला सबमर्सिबल
कोसमा मुसलमीन में निरीक्षण के दौरान डीएम यशवंत राव ने हैंडपंप पर सबमर्सिबल पाए जाने पर डीएम ने रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए। डीएम ने बुधवार को भटानी, महटौली, गोधना, कोसमा मुसलमीन का स्थलीय निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर बीडीओ को जल निकासी खराब हैंडपंपों को ठीक कराने, तालाब का जीर्णोद्धार कर पानी भरवाने के निर्देश दिए।