आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर अपने बीएलओ के बस्ते वापस कर दिए। इस दौरान कार्यकत्रियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी की। यही नहीं मांगें न माने जाने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। कलक्ट्रेट परिसर छावनी बना रहा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पिछले 19 दिन से मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। शुक्रवार को सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष सरिता शाक्य के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी पीसी गुप्ता से मिला। वार्ता विफल होने के बाद सैकड़ों की संख्या कार्यकत्रियां डीएम कार्यालय पहुंच गई। उनके आक्रामक रुख को देख कर्मचारियों ने डीएम कार्यालय का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद करीब आधा घंटे से अधिक समय तक कार्यकत्रियों ने डीएम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान सभी ने बीएलओ के बस्ते डीएम कार्यालय के सामने रख कर उक्त कार्य करने से मना कर दिया। सरिता शाक्य ने कहा कि जब डीपीओ हौसला पोषण मिशन का कार्य बिना आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के शुरू करा सकते हैं तो बीएलओ का कार्य भी करा लें। डीएम कार्यालय के घेराव की सूचना मिलते ही जिले का फोर्स कलक्ट्रेट आ गया। इस दौरान पूरा कलक्ट्रेट परिसर छावनी बना नजर आया। आधा घंटे बाद जब कार्यकत्रियां वापस धरना स्थल पर लौटीं तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली। सरिता शाक्य का कहना है कि मांगे पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अधिकारी धमकाकर प्रदर्शन तुड़वाना चाहते हैं। लेकिन उन्हें सफल नहीं होंगे। इस मौके पर विमलेश चौहान, शशीकिरन, ममता चौहान, ऋचा दुबे, मीरा यादव, शाहीन, रिहाना बेगम, वंदना यादव आदि मौजूद थीं।