दलित कर्मचारी की पिटाई, धरने पर बैठे विधायक
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल मेें तीमारदार से ही दलित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पिटाई करवा दी। इस मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। वो आरोपी सीएमएस को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे। सूचना पर एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित कर्मचारी और अन्य लोगों के बयान लिए। विभागीय कार्य से लखनऊ जाने के कारण सीएमएस मौजूद नहीं थे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को एक व्यक्ति शिवदास निवासी पलिया थाना कुर्रा जिला अस्पताल में उपचार कराने आया था। उनके साथ रविंद्र कुमार निवासी नसीरपुर थाना कुर्रा भी थे। आरोप है कि एक्सरे कराने के नाम पर मौके पर मौजूद लक्ष्मीनारायन ने रविंद्र कुमार से पैसे मांगे। इसकी शिकायत रविंद्र कुमार ने डीएम यशवंत राव से की। डीएम ने सीएमएस डाक्टर एके उपाध्याय को मामले की जांच करने के लिए कहा।
अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मीनारायन का कहना है कि सीएमएस ने शनिवार को उसे अपने कमरे में बुलाया और तीमारदार रविंद्र कुमार से पिटवाया। साथ ही जातिसूचक गालियां भी दी। इसकी जानकारी किशनी विधायक ब्रजेश कठेरिया को हुई तो वो समर्थकों के साथ जिला अस्पताल में सुबह 11.30 बजे धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके साथ दो दर्जन से अधिक समर्थक भी थे। वे कर्मचारी को पिटवाने वाले सीएमएस को बर्खास्त करने और आरोपी तीमारदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
जिला अस्पताल में विधायक के धरने पर बैठने की जानकारी होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर अमित सिंह को मौके पर भेजा। अस्पताल में पहुंचकर एसडीएम सदर ने पीड़ित कर्मचारी और जिला अस्पताल के अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। साथ ही विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया से भी बातचीत की। इस पर विधायक ने कहा जब तक सीएमएस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाएगी वो धरने पर बैठे रहेंगे। धरने पर नके साथ सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा, सूरज सिंह यादव, नसीरुद्दीन वारसी, हरेंद्र यादव, ज्योति मैसी, सुखवीर सिंह यादव आदि बैठे थे।
चिकित्सकों और कर्मचारियों ने सीएमएस एके उपाध्याय के खिलाफ बयान दिए। सभी का कहना था कि जब वो सीएमएस के कमरे में घुसे तो वहां पीड़ित कर्मचारी की पिटाई की जा रही थी। प्रशासनिक अधिकारी एसके सैनी, राधा किशन वर्मा आदि के बयान लिए। हालांकि एसडीएम सदर अमित सिंह ने पूछा कि सीएमएस के रूम में जब उनके अस्पताल के कर्मचारी को एक बाहर का व्यक्ति पीट रहा था तो उन्होंने मौके पर मौजूद रहने के बाद भी रोका क्यों नहीं। इस पर सभी चुप्पी साध गए। किसी ने कुछ नहीं कहा।