औंछा के बनकटी आश्रम क्षेत्र में पग-पग पर इतिहास बिखरा है। पर, इसकी सुरक्षा, संरक्षण का कोई इंतजाम नही है। यही वजह है कि खोदाई में निकली भगवान हरिहर की प्राचीन और बेशकीमती मूर्ति चोरी हो गई। फिर भी पुलिस और पुरातत्व विभाग के अफसर मौन बने हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित कस्बा औंछा ऋषि मुनियों की तपस्थली रहा है। ओम ऋषि दुर्वासा, च्यवन ऋषि, श्रंगी ऋषि, दत्तात्रेय आश्रम, विभांडक ऋषि, भुवनेश्वर ऋषि, लोमस ऋषि, देवल ऋषि, कश्यप ऋषि, हिरण्याकश्यप, गरुण देव सहित करीब 88 हजार ऋषि मुनियों की तपस्थली है। कई बार यहां की खोदाई हुई। तब यहां कई बेशकीमती मूर्तियां, पुरातत्वकाल के अवशेष मिले हैं। तीन साल पहले हुई खोदाई में बनकटी आश्रम में दसवीं शताब्दी की हरिहर की बेशकीमती मूर्ति, शिवलिंग समेत कई प्राचीन क्षतिग्रस्त मूर्तियां, मंदिर के अवशेष निकले थे। लेकिन इन दुर्लभ वस्तुओं की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं हुआ। इससे हरिहर समेत कई बेशकीमती मूर्तियां चोरी हो चुकी हैं। कई बार शासन, प्रशासन की ओर से औंछा को पर्यटन स्थल घोषित करने की बात हुई, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
इस संबंध में जानकारी नहीं थी। शीघ्र ही पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर उक्त क्षेत्र में मिली मूर्तियों को संरक्षित कराने का प्रयास किया जाएगा।
- लोकेश एम, डीएम