मैनपुरी। जेल की ऊंची चहारदीवारी और कड़े पहरे के बीच करवाचौथ का पर्व मना तो माहौल बेहद भावुक हो गया। जिला कारागार में बंद छह महिला बंदियों ने अटूट निष्ठा और समर्पण के साथ निर्जला व्रत रखा। इस दौरान प्रेम और आस्था की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
चांद के दीदार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद जेल प्रशासन ने एक मानवीय पहल की। प्रशासन ने उन तीन महिला बंदियों को उनके पतियों से मिलने की विशेष अनुमति दी, जिनके पति भी जिला कारागार में विभिन्न मामलों में निरुद्ध हैं। आमने-सामने यह मुलाकात हुई तो सब्र का बांध टूट गया और आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने अपने पतियों के हाथों से जल ग्रहण कर अपना उपवास तोड़ा।
इस आयोजन के सफल संचालन में जेल अधीक्षक शशांक पांडेय, जेलर जितेंद्र कश्यप और जेल शिक्षक ब्रजेश चतुर्वेदी सहित समस्त जेल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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तीन ने फोटो देखकर उपवास तोड़ा
अन्य तीन महिला बंदियों ने जेल परिसर में ही विधि-विधान से करवाचौथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने पतियों की फोटो देखकर और चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर अपना उपवास तोड़ा।
वर्जन
करवाचौथ के व्रत के लिए जेल प्रबंधन ने सभी जरूरी इंतजाम किए थे। छह महिला बंदियों ने करवाचौथ का व्रत रखा था। इनमें से तीन के पति जेल में ही निरुद्ध हैं।
- शशांक पांडेय, जेल अधीक्षक