मैनपुरी। किशोर और बालकों का शोषण रोकने के लिए अब बालगृह, बालक/बालिका शिशु आश्रय गृह, इस दिशा में कार्य करने वाली एनजीओ को पंजीकरण कराना होगा। ऐसी संस्थाओं के पंजीकरण के लिए जिला प्रोवेशन अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
18 वर्ष से कम आयु के किशोरों और बच्चों के लिए जिले में अनाथालय, बालगृह और इस दिशा में कार्य करने वाली एनजीओ को किशोर न्याय अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना होगा। यह निर्णय शासन ने स्वैच्छिक संगठनों, धर्मार्थ संगठनों एवं ट्रस्टों के माध्यम से चलने वाली संस्थाओं में बच्चों के शोषण की शिकायतों को लेकर लिया है। जिले में प्रोवेशन अधिकारी को पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग अभियान चलाकर संबंधित संस्थाओं का पंजीकरण कराएगा।
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पंजीकरण से न छूटे कोई संस्था
निदेशक महिला कल्याण एसके मिश्र ने इस संबंध में डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा है कि किशोर न्याय अधिनियम 2006 की धारा 34 के अंतर्गत पंजीकरण से संबंधित कोई भी संस्था न छूटे। इस संबंध में मुख्य सचिव के हस्ताक्षर से सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र शपथ पत्र दाखिल करना है।
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पत्र भेजकर कराया अवगत
जिला प्रोवेशन अधिकारी आरएन वर्मा का कहना है कि जिले में इस तरह की संस्थाएं कम हैं फिर भी वह अपने स्तर से अभियान चला रहे हैं। जिलाधिकारी के स्तर से सीडीओ, सभी एसडीएम और बीडीओ क ो भी पत्र लिखा गया है। यदि उनके क्षेत्र में कोई संस्था है तो प्रोवेशन कार्यालय में उनका पंजीकरण कराया जाएगा।