महोबा। चरस रखने के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी व विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सर्वोत्तमा नगेश शर्मा ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर बिहार प्रांत के जनपद पश्चिमी चंपारण के ग्राम नरकटिया बेतिया निवासी शैलू निशा को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कोतवाली चरखारी के तत्कालीन एसआई सर्वेंद्र सचान और सत्यवेंद्र सिंह भदौरिया तीन फरवरी 2022 को टीम के साथ वाहनों से गश्त कर रहे थे। तभी महोबा-कुलपहाड़ मार्ग पर सूपा रेलवे स्टेशन के सामने शिव मंदिर के पास पुलिस आने-जाने वाले वाहनोंं और लोगोंं की चेकिंग करने लगी। तभी एक महिला पीछे मुड़कर अचानक रेलवे स्टेशन की ओर जाने लगी। आशंका होने पर पुलिस ने उसे पकड़ा। महिला के पास से मिले बैग से चार किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी महिला शैलू निशा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय मेंं प्रस्तुत किया गया। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।