मॉडल सिटी में शामिल रियासत कालीन चरखारी स्टेट के तालाबों के दिन अब बहुरेंगे। अधिकारियों ने बैठक कर प्राचीन तालाबों की खुदाई के निर्देश दिए है। अब दिन व रात तालाबों की खुदाई का काम चलेगा। विद्युत विभाग के एक्सईएन को बिजली व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम वीरेश्वर सिंह ने चरखारी कस्बे के आठ तालाबों की खुदाई कराए जाने की पहल की है। बुधवार को रपट सागर तालाब से खुदाई का काम शुरू किया गया था। गुरुवार को डीएम के साथ चीफ इंजीनियर बेतवा एनके शर्मा, बेतवा परियोजना के चीफ इंजीनियर वीके गुप्ता, सिंचाई विभाग के एससी विनय श्रीवास्तव, सिंचाई विभाग के अभियंता विशंभर सिंह, मौदहा बांध प्रखंड के अभियंता एके सिंह, बांदा सिंचाई विभाग के अभियंता डा. एसके सचान ने चरखारी पहुंचकर तालाबों का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि तालाबों की खुदाई में आने वाला खर्च मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से मिलेगी। अन्य तालाबों व बांधों में कराई जा रही खुदाई रोककर पहले चरखारी के तालाबों में पूरी मशीनरी लगाई जाएगी। इस मौके पर एसपी गौरव सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेश यादव, सहकारी बैंक के अध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष बाबू मंसूरी के अलावा सिंचाई व पीडब्लूडी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।