महोबा। जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को प्रसव के लिए भर्ती महिला की मौत हो गई। मृतका के पति ने डॉक्टर पर पांच हजार रुपये मांगने और सुविधा शुल्क न देने पर इलाज न करने का आरोप लगाया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने महिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। एसडीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा देते हुए परिजनों को शांत कराया।
कोतवाली क्षेत्र के छिकहरा गांव निवासी चेतराम की पत्नी तुलसारानी (30) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन मंगलवार की दोपहर महिला अस्पताल लाए। जहां महिला को भर्ती किया गया। कुछ देर बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। तब डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया लेकिन उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर व नर्सों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका के पति ने बताया कि पहले सब कुछ सही बताते हुए पांच हजार रुपये की मांग की गई। सुविधा शुल्क न देने पर इलाज नहीं किया। स्टाफ से आरजू-मिन्नत भी की गई। जब उसकी पत्नी की सांसें थम गई, तब डॉक्टर ने बाहर ले जाने की बात कही। जिससे गर्भवती के पेट में पल रहे नवजात की भी मौत हो गई।
महिला अस्पताल में हंगामा की सूचना पर एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। पीड़ित ने एसडीएम को तहरीर लिखकर सौंपी। जिसमें दोषी डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है। इसके बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
गर्मवती जब अस्पताल आई थी, तब हालत गंभीर थी। जिसे रेफर किया गया था। डॉक्टर व स्टॉफ के सुविधा शुल्क मांगने के मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. डीके सुल्लेरे
सीएमएस
महिला जिला अस्पताल