महोबा। जानलेवा हमले के 21 वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) अवनीश कुमार राय ने फैसला सुनाया। दोषसिद्ध होने पर दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को छह-छह वर्ष के कारावास व 41-41 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
कोतवाली चरखारी के भैसाई गांव निवासी असगर नौ दिसंबर 2000 की दोपहर घर पर था। तभी गांव का हिंदूपत उसके घर पहुंच गया और बहन रेशमा को दरवाजे से निकलने को लेकर गाली-गलौज करने लगा। जब असगर ने इसका विरोध किया तो हिंदूपत, देवीदयाल, केशव व भगवानदास ने लाठी-डंडें व फरसे से हमला कर दिया। जिससे असगर, रेशमा व अन्य परिजन घायल हो गए। असगर के भाई रसीद ने कोतवाली में चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने सुनवाई के बाद मंगलवार को फैसला सुनाया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियुक्त केशव की मौत हो गई थी। दोषी भगवानदास व उसके भाई हिंदूपत और देवीदयाल को छह-छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।