फोटो 13 एमएएचपी 09 परिचय-एंबुलेंस में जन्म के बाद नवजात शिशुओं की देखरेख करता ईएमटी।
दो प्रसूताओं ने एंबुलेंस में नवजात शिशुओं को दिया जन्म
- जिला महिला अस्पताल में दोनों जच्चा-बच्चा को कराया गया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसूताओं द्वारा नवजात शिशुओं को जन्म देने के मामले लगातार सामने आ रहे हैैं। बुधवार को दर्द से कराहतीं दो प्रसूताओं ने रास्ते में ही एंबुलेंस पर नवजात शिशुओं को जन्म दिया। 102 नंबर एंबुुलेंस के ईएमटी व पायलट ने प्रसव दौरान सहयोग कराया। बाद में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जच्चा-बच्चा की हालत ठीक बताई जा रही है।
कोतवाली चरखारी के सलुआ गांव निवासी मोतीलाल की पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 102 नंबर एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुुलेंस के पायलट शशिकांत व ईएमटी जीतेंद्र कुमार गांव पहुंच गए और प्रसूता को एंबुलेंस से सीएचसी चरखारी लाने लगे। रास्ते में दर्द से कराहती महिला ने दो नवजात जुड़वा शिशुओं को जन्म दिया। ईएमटी ने जरूरी दवाएं व अन्य व्यवस्थाएं की। इससे जच्चा-बच्चा की हालत नहीं बिगड़ सकी। इसी तरह कालीपहाड़ी गांव निवासी जशोदा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन एंबुलेंस से महिला जिला अस्पताल ला रहे थे लेकिन रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। ईएमटी सत्यप्रकाश व पायलट मुन्नीलाल ने एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। बाद में जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्वस्थ बताई।