कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सर्दी का मिजाज बदलते ही जिंदगी की रफ्तार थम गई। शनिवार को ठंड की चपेट में आकर स्वास्थ्य कर्मी समेत दो लोगों की मौत हो गई।
शनिवार का दिन कोहरे और सर्द हवाआें के कारण अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। सूर्य देव के दर्शन न होने से पूरे दिन लोग से ठंड से ठिठुरते रहे। शनिवार को न्यूनतम तापमान 7.2 व अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
थाना पनवाड़ी के ग्राम सुगिरा के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में तैनात एक स्वास्थ्य कर्मचारी साबिर (35) पुत्र अब्दुल निवासी सूपा, चरखारी की ठंड से मौत हो गई। मृतक के परिजनों का कहना है कि ठंड लगने से वह कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मोहल्ला जुलहटी निवासी हफीज (50) पुत्र अजीज शनिवार दोपहर कस्बे में घूमकर घर लौटा तो उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनाें का कहना है कि हफीज जैसे ही घर पहुंचा, उसे चक्कर आने लगे और उसका जी मचलाने लगा।
ठंड की चपेट में आकर उसकी मौत होना बताया जा रहा है। अधेड़ की मौत के बाद 29 दिसंबर को उसकी बेटी की शादी की चिंता परिजनों को सता रही है।
शनिवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज से पूरे जिले में जिंदगी की रफ्तार थम गई। सुबह घने कोहरे की चादर से ढका शहर नजर आया। घने कोहरे के चलते दिन में वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरे के कारण धीमी रफ्तार से वाहन रेंगते नजर आए।
बर्फीली हवाओं और ठिठुरनभरी सर्दी से बचाव के लिए जगह-जगह लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। सारा दिन सूर्य देव के दर्शन न होने से लोग घराें में कैद रहने को मजबूर हो गए। जरूरी कामकाज के चलते लोग सिर से पैरों तक शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर बाहर निकले। हाड़ कंपाऊ सर्दी में सारा दिन जनजीवन अस्त व्यस्त रहा।