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बिजली न शौचालय, अंधेरे में नौनिहालों का भविष्य

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महोबा। जिले के 881 आंगनबाड़ी केंद्रों में 322 केंद्र ऐसे हैं जहां बिजली कनेक्शन नहीं है। इसमें कई केंद्र ऐसे भी हैं, जहां शौचालय तक नहीं व्यवस्था नहीं है।
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नई शिक्षा नीति के आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी के रूप में विकसित करने की तैयारी है, लेकिन जिले के कई केंद्र मूलभूत सुविधाएं बिजली, शौचालय, पानी नहीं है। विभाग कागजी कार्रवाई पूरी करने का दावा कर रहा है। पनवाड़ी ब्लॉक के रहुनिया पुरा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं हैं। केंद्र में 120 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें दो बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर गंदगी फैली है। झाड़-झखाड़ खड़े हैं जिससे जहरीले कीट के काटने का खतरा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नजमा का कहना है कि समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
जिले मे रिक्त हैं 403 पद
- जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 715 पद हैं जिसमें 147 रिक्त हैं। मिनी आंगनबाड़ी के 166 पद स्वीकृत हैं जिसमें 70 रिक्त हैं। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिका के कुल 715 पद हैं जिसमें 186 पद रिक्त हैं। इस तरह से तीनों पदों पर 403 पद रिक्त हैं।
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शहरी परियोजना के नौ भवन किराये पर
आंगनबाड़ी की शहरी परियोजना के अंतर्गत नौ भवन किराये पर चल रहे हैं। इसमें एक छोटे से कमरे में चल रहे भवनों में बच्चों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
अब तक नहीं बट सके टैबलेट
आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुुप मॉड्यूल की बनाने की तैयारी है। आसपास के जिलों में टैबलेट वितरित कर दिए गए हैं, लेकिन जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब तक टैबलेट नहीं मिल सके हैं।
जिन केंद्रों पर बिजली व्यवस्था नहीं हैं उसके लिए बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है। जल्द ही सभी केन्द्रों पर बिजली पहुंच जाएगी। जो भी कमियां हैं केन्द्रों पर उन्हे दूर किया जाएगा।
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- केशरीनंदन, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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