महोबा। गुरू गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि को पर्यटन के रूप में विकसित करने का कार्य प्रारंभ हो गया। लखनऊ से आई पांच सदस्यीय टीम ने तीन स्थानों से मिट्टी से नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए शासन से 12 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।
विशेषज्ञ दल के प्रमुख श्रवण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गोरखगिरि को पर्यटन के रुप में विकसित किया जाना है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने काम शुरू कर दिया है। मिट्टी की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं, जिसको जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि शासन ने 12 करोड़ का बजट आवंटित किया है। जिसके तहत गोरखपुर की तर्ज पर सिद्ध बाबा में भव्य मंदिर बनना है। गुरू गोरखनाथ की मूर्ति, पार्क, संजीवनी वाटिका व शिवतांडव में मंदिर बनना है। इसके अलावा रोपवे भी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत गोरखगिरि के लिए आवंटित 50 लाख से सीढ़ियां, शेड व सिद्ध बाबा आश्रम तक पानी पहुंचाने के लिए बोरिंग और पाइप लाइन बिछाने की योजना पर काम चल रहा है।