उठान न होने से बंद कबरई मंडी के क्रशर प्लांट। संवाद
- फोटो : उठान न होने से बंद कबरई मंडी के क्रशर प्लांट। संवाद
कबरई (महोबा)। जनपद हमीरपुर में यमुना नदी का पुल बंद होने से पत्थर उद्योग प्रभावित हो रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बांदा-फतेहपुर मार्ग से करीब दोगुनी दूरी तय करने की वजह से पत्थरमंडी में ट्रकों की आवाजाही कम हुई है। इससे पत्थर व्यवसाय में करीब 60 फीसदी गिरावट आई है।
पत्थरमंडी में गिट्टी लेने आने वाले ट्रकों को कानपुर-सागर हाईवे से लखनऊ पहुंचने के लिए जहां खन्ना, अलियापुर व नवाबगंज समेत तीनों टोल पर कुल 1,685 रुपये टैक्स अदा कर 220 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लखनऊ पहुंचने के लिए खन्ना, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, अलियापुर व नवाबगंज समेत चार जगह मिलाकर 2,005 रुपये टैक्स देकर 280 किलोमीटर दूरी तय करना पड़ती है, यानि 60 किलोमीटर अधिक दूरी तय करने के अलावा 320 रुपए टोल टैक्स भी अधिक देना पड़ता है जबकि बांदा से फतेहपुर होते हुए लखनऊ पहुंचने के लिए रिवई व नवाबगंज दो जगह मिलाकर 1,085 रुपये टोल टैक्स देकर 410 किलोमीटर यानि 190 किलोमीटर अधिक सफर करना पड़ता है।
शनिवार से 48 घंटे के लिए यमुना पुल बंद होने की वजह से पत्थरमंडी गिट्टी लेने आने वाले ट्रकों को बांदा-फतेहपुर या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से निकलना मजबूरी है। इससे उनके खर्चे व समय अधिक लगने से कई ट्रांसपोर्टरों ने दूसरी मंडियों के लिए गाड़ियां भेजना शुरू कर दी है जबकि कई ट्रांसपोर्टरों ने अपनी गाड़ियों को खड़ा करा दिया है। ऐसे में पत्थर मंडी में प्रतिदिन आने वाले करीब ढाई हजार ट्रकों की जगह महज 700 ट्रक ही पहुंचे। पत्थर व्यापारी बलवीर सिंह, राजीव गुप्ता, देवेन्द्र मिश्रा, राजू तिवारी, दीपू त्रिपाठी आदि ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह दो दिन के लिए पुल बंद होने से ट्रकों के दूसरी मंडियों में जा रहे हैं। इससे कबरई का पत्थर व्यापार चौपट हो रहा है।