फोटो 29 एमएएचपी 13 परिचय-कबरई फीडर के पास मार्ग पर भरा पानी व कटी सड़क। संवाद
महोबा/कबरई। जिले में तीन दिन पहले तक लगातार 72 घंटे हुई बारिश का दंश अभी भी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जलभराव के कारण जनपद में अलग-अलग स्थानों पर कहीं सड़क बह गई तो कहीं अभी भी पानी की निकासी नहीं हो सकी। ऐसे में लोगों के लिए रास्ता पार करना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं कस्बा कबरई में सड़क बहने से स्टेशन समेत अन्य स्थानों का आवागमन प्रभावित है।
कस्बा कबरई के मोहल्ला रानी लक्ष्मीबाई नगर से स्टेशन जाने वाली फीडर रोड पर हाईवे के पास जलनिकासी की पुलिया अवरुद्ध है। इससे करीब 20 बीघा कृषि भूमि समेत घरों और दुकानों में पानी भरा हुआ है। अधिक पानी होने पर फीडर रोड भी कटकर बह रही है। इससे कस्बे से स्टेशन व अन्य स्थानों के लिए आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही है। राकेश, रमन, आशीष तिवारी आदि ने डीएम प्रभास कुमार को पत्र भेजकर बताया कि फीडर रोड पर बस्ती, खेतों और सड़क किनारे दुकानों के पानी की निकासी के लिए पुलिया बनाई गई थी। आरोप है कि करीब चार वर्ष पहले कुछ दबंगों ने भवन निर्माण कर पुलिया को अवरुद्ध कर दिया। इससे जलनिकासी पूरी तरह ठप हो गई। किसान रामरतन तिवारी ने बताया कि करीब 20 बीघा खेत में चार साल से फसल की बोआई नहीं हो पा रही है। आशीष तिवारी ने बताया कि हाईवे किनारे उनकी आठ दुकानों में पानी भरा रहने से भारी नुकसान हो रहा है। वहीं सीताराम कुशवाहा, कौशल किशोर शुक्ला, वरदानी कुशवाहा, राजकुमार अहिरवार, पिंटू तिवारी, शैलेष द्विवेदी, बच्चू कुशवाहा, पप्पू गुप्ता, गुड्डन यादव, सुधांशु तिवारी आदि ने बताया कि खेतों में पानी भरने के बाद अतिरिक्त पानी फीडर रोड को काटकर निकलता है। सड़क बह जाने से कस्बे से स्टेशन व अन्य स्थानों तक आवागमन प्रभावित है।
पिछले तीन वर्षों से हर बारिश के बाद सड़क क्षतिग्रस्त होने पर लाखों रुपये की लागत से दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। उधर, पीडब्ल्यूडी के जेई शिवचंद ने बताया कि पुलिया अवरुद्ध कर भवन निर्माण कर लिए गए हैं। इसलिए जलनिकासी के लिए पुलिया खुलवाकर नाला निर्माण कराया जाना संभव नहीं है। हालांकि, सड़क के बार-बार बहने की समस्या को देखते हुए 200 मीटर रास्ते पर डामर की जगह आरसीसी सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
फोटो 29 एमएएचपी 13 परिचय-कबरई फीडर के पास मार्ग पर भरा पानी व कटी सड़क। संवाद