कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई में 11 से 14 मार्च की रात तक तीन क्रशर प्लांटों में चली आयकर की जांच देर रात समाप्त हो गई। टीमों ने तीनों प्लांट से भारी मात्रा में जब्त किए गए अभिलेखों पर वहां मौजूद कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराए और उसे लेकर रात 10 बजे लौट गई। टीमों के रवाना होते ही दूसरे क्रशर प्लांट कारोबारियों ने राहत की सांस ली। रविवार की सुबह से पहले की तरह क्रशर प्लांटों से मशीनों के पत्थर तोड़ने व उन्हें पीसने की आवाजें आने लगी और पत्थरमंडी रौनक लौटी।
11 मार्च को आयकर की तीन टीमों ने कबरई स्थित जगदंबा ग्रेनाइट, श्रिया ग्रेनाइट और दिदवारा स्थित श्रिया ग्रेनाइट में छापा मारा था। इस दौरान कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर लिए गए और उनके बाहर जाने पर रोक लगाते हुए टीमों ने प्लांट में मिले अभिलेखों की विस्तार से जांच शुरू की। इसके बाद शुक्रवार को ड्रोन के जरिए मकरबई, खजुरिहा पहरा, रमकुंडा पहाड़ समेत कुछ अन्य खनन क्षेत्रों में मैपिंग कराई गई और फिर शनिवार को भारी मात्रा में दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया था। जांच के अंतिम चरण में आयकर टीम की ओर यह जानकारी दी गई कि चार दिन की जांच में अनियमित खनन की पुष्टि हुई है और करोड़ों की कर चोरी की आशंका है। संचालकों के दूसरे कारोबार के अभिलेखों से मिलान के बाद ही वास्तविक कर चोरी का पता चल सकेगा। इसके बाद रात में टीम ने जब्त पुराने व नए अभिलेखों पर कर्मचारियों के हस्ताक्षर लिए और फिर रात दस बजे लौट गई। आयकर टीम के लौटते ही क्रशर कारोबार से जुड़े दूसरे कारोबारियों ने राहत की सांस ली।