महोबा। विद्यालय में दो छात्राओं से छेड़छाड़ के चार वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोषी होने पर शिक्षक को तीन वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
कस्बा कुलपहाड़ के एक मोहल्ला निवासी आठ व नौ वर्षीय दो चचेरी बहनें कक्षा तीन व चार में पढ़ती थी। विद्यालय का अध्यापक दीपेंद्र राजपूत निवासी सिरमौर दोनों छात्राओं से अश्लीलता करते हुए परेशान करता था। 16 सितंबर 2017 को जब दोनों बालिकाएं विद्यालय से लौटकर घर आई तो उन्होंने परिजनों को पूरी घटना बताई। छात्राओं ने जानकारी दी कि शिक्षक दीपेंद्र उनसे अश्लील हरकतें करते है और मोबाइल पर फोटो लेते है। छात्राओं के बाबा की तहरीर पर घटना के दो दिन बाद 18 सितंबर को कोतवाली कुलपहाड़ में आरोपी दीपेंद्र राजपूत के खिलाफ छेड़छाड़ समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोषी दीपेंद्र राजपूत को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड ठोंका गया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगी।