ग्रामीणों से चर्चा करते वन व पुलिस के अधिकारी।
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जिला मुख्यालय में चल रहा बूचड़खाना सोमवार की रात को अफसरों ने सीज कर दिया। मंगलवार को लाइसेंस धारकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मीट मंडी शुरू कराए जाने की मांग की।
जिला मुख्यालय में महज 10 लाइसेंस धारक है। जो बूचड़खाने में मीट की बिक्री करते थे। 31 मार्च को इन सभी लाइसेंस धारकों के लाइसेंस खत्म हो गए थे। जिन्हें नगर पालिका में रिन्यूवल के लिए दिया गया था,
लेकिन नगर पालिका ने आजतक रिन्यूवल नहीं किए और आजकल कहकर टरकाते रहे। अधिकारियों ने सोमवार की रात को खजुराहो रोड पर स्थित बूचड़खाना में तालाबंदी कर सीज कर दिया। इससे मंगलवार को मीट मंडी में सन्नाटा छाया रहा। गौरतलब है कि मुर्गा मंडी के लिए प्रशासन आजतक दुकानों का इंतजाम नहीं करा सका। जिससे मुर्गा मंडी पहले से ही बद चल रही है।
बूचड़खाने में ताला लटक जाने से कई शादी घरों में मीट का इंतजाम न हो पाने से अफरा-तफरी मच गई है। 26 से लेकर चार तारीख तक लगातार मुस्लिम समुदाय की शादियां होने से वह खासा परेशान है। अब उन्हें एकाएक दूसरा इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है।
बूचड़खाने में अभी कुछ कमरों का और निमाण कराया जाना है। निर्माण कार्य में व्यवधान पैदा न हो इस गरज से बूचड़खाने को बंद करा दिया है। उन्होंने बूचड़खाने को सीज कराए जाने की बात से इनकार किया है। निर्माण कार्य हो जाने के बाद व्यवस्थाएं ठीक हो जाएंगी।
आनंद कुमार
अपर जिलाधिकारी
महोबा