संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले की मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण के दौरान 30,211 मतदाताओं को खोजने में बीएलओ के पसीने छूट रहे हैं। बीएलओ के साथ राजनैतिक दलों के बीएलए भी इनको खोजने में जुटे हैं लेकिन अभी तक यह मतदाता सामने नहीं आए हैं। एसआईआर फार्म जमा करने की तारीख 26 दिसंबर तक हो जाने से इन मतदाताओं को खोजने में दोबारा जोर दिया जाएगा।
बूथ स्तर पर बीएलओ व बीएलए की बैठक करके ऐसे मतदाताओं की सूचियों का वाचन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए 734 बीएलओ की पूरे जिले में नियुक्ति की है। इनके सहयोग के लिए एक-एक सहायक बीएलओ भी लगाए गए हैं। कार्य की अधिकता के चलते प्रत्येक गांव के प्रधान, कोटेदार, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी गणना फार्म वितरित करने और इस काम में सहयोग करने के लिए लगाया गया है।
इन फार्म को डिजिटलाइज भी बीएलओ कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को इस कार्य का अंतिम दिन था लेकिन चुनाव आयोग ने फार्म जमा करने की समय सीमा बढ़ाते हुए 26 दिसंबर कर दी है। अब तक के डाटा के अनुसार गणना फार्म वितरण के दौरान 30,211 मतदाता संबंधित घरों में नहीं पाए गए। इससे उन्हें ये गणना फार्म ही नहीं दिए जा सके।
ये मतदाता अनट्रेसेबल श्रेणी में हैं। वोटर लिस्ट में जो मकान नंबर दर्ज है, उसमें संपर्क करने पर मतदाताओं के परिवार सहित परदेश चले जाने, रोजगार की तलाश में अन्य जगहों पर जाकर रहने या फिर ईंट-भट्ठों में होने की बात सामने आ रही है।
जब ऐसे मतदाताओं के अन्य स्थान की मतदाता सूचियों में जुड़े होने की जानकारी ली गई तो अधिकांश के कहीं अन्य जगह नहीं जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने ऐसे मतदाताओं को खोजने के लिए सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बीएलए (बूथ लेबल एजेंट) की नियुक्ति कर सहयोग करने की अपील की है।