लंबे समय से असमंजस की स्थिति में फंसे सपा प्रत्याशियों की रविवार को फाइनल सूची जारी कर दी गई। पार्टी ने किसी नए चेहरे को तरजीह न देकर पुराने उम्मीदवारों पर ही दांव लगाया है। महोबा विधानसभा से पूर्व मंत्री सिद्धगोपाल साहू को टिकट मिला है जबकि चरखारी विधानसभा से निवर्तमान विधायक उर्मिला राजपूत को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है।
महोबा विधानसभा सिद्धगोपाल साहू प्रोफाइल
कस्बा कबरई के मूल निवासी सिद्धगोपाल साहू ने वर्ष 1995 के नगर पंचायत कबरई के चुनाव से राजनीति में कदम रखा और पहली बार में ही नगर पंचायत के अध्यक्ष बने। इसके बाद वर्ष 2002 में सपा के टिकट पर जीत दर्ज कर सिद्धगोपाल विधायक चुने गए। 2003 में सपा सरकार में सिद्धगोपाल साहू खनिज राज्यमंत्री बनाए गए। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में वह नेलोपा से चुनाव लड़े और हार गए। वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव में सिद्धगोपाल साहू ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार झेलनी पड़ी। 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े सिद्धगोपाल साहू महज 354 वोटों से बसपा प्रत्याशी राजनारायण बुधौलिया से हार गए थे। इस दफा पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
चरखारी विधानसभा उर्मिला राजपूत प्रोफाइल
जालौन जनपद के उरई तहसील के ग्राम बम्हौरी निवासी कप्तान सिंह राजपूत की पत्नी उर्मिला राजपूत वर्ष 2015 में चरखारी विधानसभा में हुए उपचुनाव से राजनीति में आई। वर्ष 2012 में कप्तान सिंह सपा से चुनाव लड़े थे और हार गए थे। चरखारी से भाजपा प्रत्याशी उमा भारती ने जीत दर्ज की थी। लेकिन उमा भारती के झांसी से सांसद बनने के बाद सीट खाली हो गई। 2014 में हुए उपचुनाव में कप्तान सिंह राजपूत सपा के टिकट पर विधायक बने लेकिन एक मामले अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने पर उन्हें जेल जाना पड़ा। तब चरखारी सीट दोबारा रिक्त हो गई। 2015 में हुए उपचुनाव में कप्तान सिंह राजपूत की पत्नी उर्मिला राजपूत ने जीत दर्ज की और विधायक बनीं। वह निवर्तमान विधायक है। पार्टी ने उन पर भरोसा जताया ह्रै।