चार वर्ष से सूखे की मार झेल रहे किसान अब फसल में रोग लगने से परेशान है। इल्ली व माहू के प्रकोप से 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर लेखपाल और कानूनगों ने आधा दर्जन से अधिक गांवों में पहुंच खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान किसानों ने अफसरों को खराब फसल दिखाई।
चार वर्ष के सूखे के बाद इस दफा बेहतर बारिश होने से किसानों केा अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी थी। किसानों ने किसी तरह खाद बीज की व्यवस्था कर खेतों में बुआई कर दी। खेतों में लहलहा रही फसल देखकर किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटी लेकिन एक पखवारे से माहूं, सूड़ी व इल्ली जैसे रोगों का प्रकोप होने से फसल बर्बाद हो रही है।
किसानों ने एक सप्ताह पहले खराब फसल के साथ प्रदर्शन किया था और एसडीएम को मामले से अवगत कराया था।उपजिलाधिकारी मृदुल चौधरी के निर्देश पर चरखारी तहसील के रजिस्टार कानूनगों अखिलेंद्र सक्सेना, सूपा कानूनगों वासुदेव नगायच, खरेला कानूनगों नीलमणि यादव ने महाराजनगर, बम्हौरी बेलदारन, अस्थौन, अकठौंहा, गोरखा, सूपा, रिवई, बसौठ, अतरौली आदि गांवों के खेतों में पहुंच मटर, चना, मसूर आदि फसल पर लगे रोगों का निरीक्षण किया।
किसानों ने बताया कि रोगों से 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो रही है।