लहचूरा बांध के खोले गए सात फाटकों से निकलता पानी। संवाद
- फोटो : दिबियापुर बाईपास पर गोविंद नगर मोहल्ला में जलभराव।
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित लहचूरा बांध में शनिवार को एक बार फिर क्षमता से अधिक पानी आ गया। हालात को देखते हुए बांध के सात फाटक खोलकर 84,200 क्यूसिक पानी धसान नदी में छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के कर्मचारी लहचूरा बांध पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं। दो-दो घंटे के अंतराल में जलस्तर की नाप कराई जा रही है। धसान नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के छह गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
लहचूरा बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर है। बांध इस समय पूरी तरह लबालब है। बारिश का पानी लहचूरा बांध में पहुंच रहा है। इसके अलावा पहाड़ी बांध व सुखनई नदी का पानी भी लहचूरा बांध में आ गया। इससे बांध में क्षमता से अधिक पानी भंडारित हो गया। पानी की बढ़ती आवक देख कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग के अधिकारियों दी। साथ ही धसान नदी के आसपास स्थित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों, चरवाहों व मछुआरों को नदी के आसपास न आने के लिए सचेत किया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लहचूरा बांध के सात फाटक नौ फीट की ऊंचाई से खोलकर 84,200 क्यूसेक पानी धसान नदी में छोड़ा गया। इसके साथ ही 1,800 क्यूसेक पानी अर्जुन सहायक नहर में डिस्चार्ज किया गया। अर्जुन सहायक नहर के माध्यम से यह पानी तहसील चरखारी क्षेत्र में स्थित अर्जुन बांध में पहुंच रहा है। इससे अर्जुन बांध का भी जलस्तर बढ़ने लगा है।
लहचूरा बांध अवर अभियंता रामआसरे का कहना है कि मध्य प्रदेश क्षेत्र व आसपास के इलाके में हो रही बारिश का पानी बांध में आ रहा है। इससे बांध का जलस्तर बढ़ गया। सात फाटक खोलकर बांध का अतिरिक्त पानी धसान नदी में छोड़ा गया।