पनवाड़ी (महोबा)। बुंदेलखंड के महोबा जिले में पेयजल संकट आम बात है। यहां गर्मियों में हैंडपंप जवाब दे जाते हैं। गांवों में टैंकरों से सप्लाई की जाती है। लेकिन पेयजल संकट का खामियाजा एक गांव के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। ब्लाक के रावतपुरा कला गांव के लोगों को पानी के लिए एक किलोमीटर जाना पड़ता है। समस्या देख यहां कोई भी पिता अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता है। जिससे गांव के कई युवा कुंवारे रह गए।
पनवाड़ी ब्लॉक के मध्यप्रदेश की सीमा से सटे ग्राम पंचायत चौका से जुड़े गांव रावतपुरा कला गांव की आबादी तीन हजार है। गांव के लोग खेती किसानी कर अपना पालन पोषण करते हैं। गांव के लोगों को एक किलोमीटर दूर टंकी से पीने के पानी मिलता है। जिसके लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती है। लोग रात में जागकर पानी भरते है।
गांव के जयप्रकाश ने बताया कि रात में 11 बजे तक हम लोग पानी भरते है और सुबह तीन बजे से फिर से पानी भरना पड़ता है कई दिनों तक तो लोग नहाते नही है। एक-एक बाल्टियों काम चला रहे है। गांव के ओमप्रकाश का कहना है कि सांसद, विधायक सहित प्रशासन से भी मांग कर चुके हैं। जिसमें हर बार सिर्फ आश्वासन मिला है।
तहसील दिवस, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री तक शिकायत दर्ज के यहां भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं कि गांव में एक मात्र हैंडपंप है। लेकिन गांव में बिजली कई दिनों तक दिन नही आती जिससे दिक्कत होती है।
केस- 1 युवा हरेंद्र अहिरवार का कहना है कि उसकी शादी के लिए रिश्तेदारों के माध्यम से शादी करने के लिए दो बार रिश्ता आया लेकिन गांव में पानी की समस्या होने पर उन्होंने इनकार कर दिया है। साथ गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं हैं।
केस-2 गांव के नंदकिशोर ने बताया लोग गांव में कुंवारे लड़कों के लिए शादी के लिए रिश्ते तो आते हैं लेकिन पानी की समस्या के चलते इनकार कर देते हैं। गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमीं हैं।
रावतपुरा कला गांव में पानी की समस्या की जानकारी नहीं हैं। जानकारी कर पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी