-पहली बारिश में बहे मस्तानी महल के पथ-वे को देखकर नाराजगी जतातीं डीएम गजल भारद्वाज। संवाद
- फोटो : -पहली बारिश में बहे मस्तानी महल के पथ-वे को देखकर नाराजगी जतातीं डीएम गजल भारद्वाज। संवाद
बेलाताल (महोबा)। कस्बे में स्थित मस्तानी महल में घटिया निर्माण को देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। अब नोडल अधिकारी की देखरेख में यहां पर निर्माण कार्य होंगे।
बाजीराव पेशवा और मस्तानी की प्रेम कहानी का गवाह मस्तानी महल जैतपुर कस्बे की ऐतिहासिक विरासत है। इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए शासन से 5.67 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें पथ-वे, बाउंड्रीवॉल सहित महल परिसर की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को बनाया गया है। यहां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इसी बीच मंगलवार को जिलाधिकारी गजल भारद्वाज कार्यों की हकीकत देखने के लिए मस्तानी महल पहुंचीं। यहां पर हाल मेंं ही बनकर तैयार हुआ पथ-वे पूरी तरह ध्वस्त दिखाई पड़ा। इसका कारण पूछने पर यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह राठौर बगलें झांकने लगे। डीएम ने परियोजना की ड्राइंग मंगाई तो पता चला कि अधिकारी तो ड्राइंग लाए ही नहीं हैं। तब डीएम ने जमकर फटकार लगाई। परिसर से बारिश के पानी के निकास की उचित व्यवस्था नहीं थी। इसके कारण ही चार दिन पहले हुई दो घंटे तक तेज बारिश में महल परिसर में लगाई गई इंटरलॉकिंग जगह-जगह उखड़ गई है। पथ-वे के बगल में खंडा पत्थर की पिचिंग न बनाए जाने पर डीएम ने सवाल उठाए। इस मौके पर यूपीपीसीएल के अतिरिक्त परियोजना प्रबंधक शैलेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी चित्रगुप्त श्रीवास्तव, डीएम के आशुलिपिक राजीव शुक्ला आदि अधिकारी मौजूद रहे।
-
अब निर्माण कार्यों को देखेंगे नोडल अधिकारी
बेलाताल। मस्तानी महल के निरीक्षण के बाद डीएम ने राजकीय इंटर कॉलेज की नवनिर्मित लैब का निरीक्षण किया। लैब की छत के पानी के निकास की व्यवस्था न होने पर एक बार फिर यूपीपीसीएल के अधिकारियों को जिलाधिकारी की नाराजगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने यहां पर रूफ रैन वाटर हार्वेस्टिंग योजना को लागू न करने का कारण पूंछा तो संबंधित अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे नाराज डीएम ने सीडीओ बलराम कुमार को निर्देश दिए कि यूपीपीसीएल की सभी परियोजनाओं में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए। ये नोडल अधिकारी निर्माण कार्यों पर कड़ी नजर रखेंगे।