खरेला (महोबा)। चरखारी ब्लॉक के गांवों में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इससे 20 से ज्यादा गांवों में पाइप लाइन बिछाने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लाखों रुपये की लागत से बनी सड़कों को दुरुस्त कराए बिना ही ठेकेदार गायब हो गया है। गड्ढों में तब्दील सड़कों पर आए दिन लोग गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत न कराने से ग्रामीणों में खासी नाराजगी है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव-गांव में हर घर नल योजना के तहत पाइप लाइनें बिछाने का काम ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। कार्यदायी संस्था ने पाइप लाइनें डालने के लिए सड़कें खोद डालीं। ब्लॉक चरखारी के पाठा, पुपवारा, बैहारी, कनेरा, जतौरा, सुदामापुरी, छानी और रिवई के गांवों की सीसी सड़कें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। ठेकेदार सड़क की दशा सुधारे बिना ही गायब हो गया।
जबकि योजना के तहत पाइप लाइनों को डालने के बाद तोड़ी गईं सड़कों का सुधारने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। ग्रामीण साकेत त्रिपाठी, नरेंद्र पटैरिया, जितेंद्र त्रिपाठी व शैलेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि सड़कों की दशा न सुधारने से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आने जाने में ज्यादा दिक्कत हो रही है।
रिवई गांव के ग्राम प्रधान श्रीपत ने बताया कि तोड़ी गई सड़कों को बनवाने के लिए कई बार कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हो सकी है। उधर, उपजिलाधिकारी चरखारी पीयूष जायसवाल का कहना है कि तोड़ी गई सड़कों की जांच कराई जाएगी। ठेकेदार ने सुधार नहीं कराया तो कार्रवाई के लिए लिखा-पढ़ी की जाएगी।
एक साल पहले बनी सड़कें भी हुई ध्वस्त
ग्राम पंचायत रिवई में एक वर्ष पहले करीब 50 लाख रुपये की लागत से 400 मीटर सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। पाइपलाइन डालने के दौरान ठेकेदार ने पुरानी सड़कों के साथ नई सड़कें भी क्षतिग्रस्त कर दी। इसी तरह अन्य गांवों में 200 से पांच मीटर लंबी नई व पुरानी सड़कों को जगह-जगह क्षतिग्रस्त किया गया है। पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न कराने से पानी व कीचड़ फैल रहा है।