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बाजार में नहीं मिल रहा राशन, बिस्किट खाकर काट रहे दिन-रात

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महोबा /पनवाड़ी। मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए जिले के दो छात्र अभी भी फंसे हुए हैं। जिनके परिजन उनके दिनभर हालचाल ले रहे हैं। ग्राम पंचायत पनवाड़ी के ग्राम प्रधान संजय द्विवेदी का पुत्र राज यूक्रेन से लौट नहीं पाया है। जिसको लेकर परिजन चितिंत हैं। वहां फंसे लोग अब राशन न मिलने के कारण बिस्कुट खाकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं
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शनिवार को राज ने अपने माता पिता से कई बार वीडियो काल पर बात की। राज ने बताया कि उसके एंबेसी में बात की है। वह कह रहे हैं कि हम मल्दावे तक नहीं आ सकते हैं। आप चाहे तो अपने आप बार्डर पार करके जा सकते हैं। अगर आप लोग रोमानियां तक पहुंच जाएंगे तो वहां रिसीव कर सकते हैं। राज ने बताया कि जब तक एंबेसी वाला बंदा नहीं मिल जाता है तब तक हम रिस्क नहीं लेगें। उन लोगों ने कहा कि आप लोग निकलना चाहो तो निकल जाओं हम आप तक नहीं पहुंच पाएंगे। बंकर में मेरे साथ 20-25 साथी है । हालात बहुत खराब है । कुछ छात्र बसों द्वारा वहां से बिना बताए रोमानिया बार्डर जा रहे हैं। बाजारों ने सामग्रियां खत्म होने को है डिलेवरी बंद हो चुकी है। कई छात्र-छत्राये तो बिस्कुट खाने को मजबूर है क्यों कि जो स्टॉक था वो खत्म हो चुका है। कल दो फ्लाइट पहुंची है कुछ लोगो का आना शुरू हुआ है। यूक्रेन से भारत आने वालों को रोमानिया बार्डर से लाया जाएगा। वहीं राज के परिजनों ने उसे सात्वना दिया है। वहीं चरखारी रायनपुरा निवासी छात्र हेमेन्द्र सिंह के परिजनों ने भी कई बार हाल-चाल जाना।
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