महोबा। एससीएसटी एक्ट मामले में तीन दोषियों को दो-दो साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
थाना खरेला के पहरेथा गांव निवासी बाबूलाल अहिरवार 28 जुलाई 2012 को किसी कार्य से बाहर गया था। रात करीब नौ बजे घर लौटने पर दरवाजे पर बैठे तीन लोगों ने उसे घेरकर लाठी डंडों से मारापीटा और गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। ग्रामीणों के आ जाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पीड़ित जब घटना की तहरीर लेकर थाना खरेला जा रहा था तो रास्ता रोककर धमकी दी। थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेेश पर रामकुमार पाल, निरपत व रामहेत के खिलाफ थाने में मामला दर्ज किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संदीप यादव ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट प्रमोद कुमार पालीवाल ने बताया कि सरकार पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए।