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छेड़छाड़ व मारपीट में पांच अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष की कैद

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महोबा। घर में घुसकर मां-बेटी से छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में पांच दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। प्रत्येक पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
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जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा होगी।
घटना कस्बा खरेला के एक मोहल्ले की है। 22 अगस्त 2016 की रात करीब 10 बजे कस्बे के ही जीतू सिंह, गोलू सिंह, मोहित सिंह, दीपक व महीपाल एक राय होकर युवक के घर के दरवाजे पहुंचे और गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देकर चले गए। 23 अगस्त को सुबह सभी लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर एक बार फिर युवक के दरवाजे पहुंचे और अंदर घुस गए। आरोपी युवक की पत्नी व नाबालिग पुत्री को पकड़ ले जाने लगे और छेड़खानी की। विरोध करने पर मारपीट की गई। युवक की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन मामला दर्ज किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोषी जीतू, गोलू, मोहित, दीपक व महीपाल को सजा सुनाई गई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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महोबा। जानलेवा हमले के दोषी को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली कुलपहाड़ के बौरा गांव निवासी कुसुमचंद्र 17 मई 2011 को अपनी दुकान पर बैठा था। सुरेंद्र सिंह और दीपू सिंह वहां पहुंच गए व कुल्हाड़ी से सिर पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। पीड़ित ने उसी दिन कोतवाली में मारपीट, धमकी व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
अपर सत्र न्यायाधीश संदीपा यादव ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट प्रमोद पालीवाल ने बताया कि उन्होंने छह गवाह पेश किए। एक अभियुक्त सुरेंद्र की मौत हो चुकी है। अदालत ने दीपू सिंह को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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