महोबा। ब्लाक चरखारी के चार गांवों के करीब पांच सौ ग्रामीणों से मकान में नंबर प्लेट लगाने के नाम पर वसूली के मामले में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है। मामले में ब्लाक कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है।
चरखारी ब्लाक के ग्राम रिवई, गुढा, सूपा, ऐचाना गांव में तीन दिन से घर घर जाकर 50 रुपये शुल्क लेकर मकानों में नंबर प्लेट लगाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई है। मामले में डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर वायरल हो रहे आडियो
महोबा। ब्लाक चरखारी के चार गांव में तीन दिन से गांव से लेकर जिलेस्तर तक बीडीओ और सचिव का सील हस्ताक्षर युक्त आदेश कापी के साथ ग्राम प्रधान के सहमति से नंबर प्लेट लगाने को लेकर पत्र भी वायरल हो रहा है। नंबर प्लेट लगाने के रैकेट से जुड़े बिहार के बजरंग ने सीडीओ कार्यालय से जारी पत्र के बाद चरखारी बीडीओ के जारी निर्देश पर नंबर प्लेट लगाने की बात कही है।
जिसमें उसने बीडीओ को बीस हजार रुपये भी लिए जाने के बाद आदेश देने की बात बताई। ग्राम सूपा के ग्रामीणों ने ग्राम सचिव द्वारा मोबाइल से बात की जिसमें उन्होंने जनजागरुकता के तहत नंबर प्लेट लगवाए जाने की बात कही। खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना है कि फर्जीवाड़े से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं, जो भी आरोप हैं वह बेबुनियाद हैं।