महोबा। वाणिज्यकर विभाग में पंजीकृत करीब तीन हजार व्यापारी और सरकारी संस्थानों पर 40 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। इनमें से कुछ सरकारी संस्थान व बड़े व्यापारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने बकाए पर आपत्ति दाखिल कर रखी है। विभाग ने इन बकाएदारों को नोटिस भेजा गया है। 45 दिन बाद विभाग आरसी की कार्रवाई शुरू करेगा।
वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर जय प्रकाश बताते हैं कि फर्मों का अनुमानित टैक्स 40 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। बकाएदारों में स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, आरईएस समेत 15 सरकारी संस्थानों का 91 लाख भी बकाया हैं।कु छ बड़ी संख्या में ऐसी फर्मे भी हैं, जिन पर वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) बकाया है। जीएसटी लागू होने के बाद भी पुराने बकाए जमा नहीं हुआ है।
व्यापारियों पर व संस्थानों को बकाया टैक्स के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। तीन साल से पुराने बकायों की वसूली के लिए नोटिस भेजा जा रहा है, जिनका टैक्स नियमानुसार जमा है, वे अपने अभिलेख प्रस्तुत करें। शेष व्यापारी समय से बकाया जमा कर दें, ताकि अन्य कठोर कार्रवाई का सहारा न लेना पड़े।
व्यापारी वर्ग है परेशान
टैक्स बार एसोसिएशन महोबा के अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि विभाग द्वारा अधिकांश केस में एकतरफा कार्रवाई कर व्यापारी वर्ग पर टैक्स लगा दिया जाता है। जिससे व्यापारी वर्ग परेशान है। विभागीय पोर्टल पर भी मनमाने कर की डिमांड सृजित हो जाती है। इसलिए वास्तव में यह बकाया टैक्स इस धनराशि से कम है। कुछ मामले तो ऐसे हैं, जिनमें अधिकारी लेनदेन कर त्वरित निस्तारण कर देते हैं।