संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। नई शिक्षा नीति के तहत माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा नौ व 10 के छात्र-छात्राओं के लिए रचनात्मक मूल्यांकन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत शैक्षिक सत्र 2023-24 से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, गृहविज्ञान, चित्रकला, वाणिज्य, संगीत गायन व संगीत वादन में रचनात्मक आंकलन शुरू हो गया है।
नई शिक्षा नीति 2020 के लागू होने के बाद अब पठन-पाठन में आवश्यक बदलाव देखने को मिलने लगा है। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने डीआईओएस को पत्र भेजा है। जिसमें निर्देश दिए हैं कि एनईपी 2020 के अनुरूप सभी स्कूलों के विद्यार्थियों का रचनात्मक आकलन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड ने पिछले साल कार्यशाला आयोजित कर रचनात्मक मूल्यांकन के विषयवार टूल्स व तकनीक जैसे वाद-विवाद, समूह चर्चा, मॉडल, चार्ट बनवाना, दृश्यात्मक प्रस्तुति, रोल-प्ले आदि गतिविधियों को समाहित करने के लिए प्रारूप तैयार किया था। हालांकि, रचनात्मक मूल्यांकन के अंक मार्कशीट में नहीं जुड़ेंगे, लेकिन छात्रों के लिए कॅरियर में आगे बढ़ने में सहायक होंगे।